महात्मा गांधी जयंती 2020

महात्मा गांधी जयंती 2020

महात्मा गांधी जयंती 2020

जन्म:02 अक्टूबर,1869 पोरबंदर, काठियावाड़ एजेंसी (गुजरात में हुआ था )

 मृत्यु: 30 जनवरी 1948, दिल्ली

कार्य: सतंत्रता आन्दोलन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

महात्मा गांधी का मशहूर नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक नेता भी थे। सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धान्तो पर चलकर महात्मा गांधी भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

महात्मा गांधी इन सिद्धांतों से पूरी दुनिया में लोगों को नागरिक अधिकार दिलाया एवं स्वतंत्रता आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। महात्मा गांधी को भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। सुभाष चन्द्र बोस ने वर्ष 1944 में रंगून रेडियो से गांधी जी के नाम जारी प्रसारण में सुभाष चन्द्र बोस ‘राष्ट्रपिता’ कहकर सम्बोधित किया था।

महात्मा गाँधी सभी मानव जाति के लिए एक मिशाल हैं। महात्मा गाँधी हर परिस्थिति में अहिंसा और सत्य का पालन किया थे, सभी लोगों से भी अहिंसा और सत्य का पालन करने के लिये कहा। उन्होंने अपना जीवन सदाचार में गुजारा। वह सदैव परम्परागत भारतीय पोशाक धोती व सूत से बनी शाल पहनते थे। हमेशा शाकाहारी भोजन खाने वाले इस महापुरुष ने आत्मशुद्धि के लिये कई बार लम्बे उपवास भी रक्खे।

सं1915 में महात्मा गाँधी भारत वापस आने से पहले गाँधीजी ने एक प्रवासी वकील के रूप में दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय के नागरिक अधिकारों के लिये संघर्ष किया। भारत आकर उन्होंने पुरे देश का भ्रमण किया और किसानों, मजदूरों और श्रमिकों को भारी भूमि कर और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करने के लिये एकजुट किया।

1921 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर संभाली, और अपने कार्यों से देश के राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया। महात्मा गाँधी सं 1930 में नमक सत्याग्रह आंदोलन और इसके बाद 1942 में ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन से जाकी प्रसिद्धि प्राप्त की। भारत को स्वतंत्र करने के संघर्ष के दौरान कई मौकों पर गाँधी जी कई वर्षों तक उन्हें जेल में भी रहे।

प्रारंभिक जीवन

मोहनदास करमचन्द गाँधी का जन्म भारत में गुजरात के एक तटीय शहर पोरबंदर काठियावाड़ में 2 अक्टूबर सन् 1869 को हुआ था। उनके पिता करमचन्द गाँधी ब्रिटिश राज के समय में काठियावाड़ की एक छोटी सी रियासत (पोरबंदर) के दीवान थे। गाँधीजी की माता पुतलीबाई परनामी वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखती थीं, और अत्यधिक धार्मिक प्रवित्ति वाली महिला थीं.

जिसका प्रभाव युवा मोहनदास पर पड़ा, और इन्ही मूल्यों ने आगे चलकर उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। वह नियमित रूप से व्रत रखती थीं, परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर उसकी सेवा सुश्रुषा में वह दिन-रात एक कर देती थीं।इस प्रकार गाँधीजी ने स्वाभाविक रूप से अहिंसा,  शाकाहारी,  आत्मशुद्धि के लिए व्रत और विभिन्न धर्मों और पंथों को मानने वालों के बीच परस्पर सहिष्णुता को अपनाया।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का संघर्ष (1916-1945)

वर्ष 1914 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौट आये। उस समय तक गांधीजी एक राष्ट्रवादी नेता और संयोजक के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके थे। वह उदार वादी कांग्रेस के नेता गोपाल कृष्ण गोखले के कहने पर भारत आये थे ,शुरूआती दौर में गाँधीजी के विचार बहुत हद तक गोखले के विचारों से प्रभावित थे। प्रारंभ में गाँधीजी ने देश के विभिन्न भागों का दौरा किया ,राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को समझने की कोशिश भी की।

महात्मा गांधी के अनमोल विचार 

1. ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। जानें कि क्या आप हमेशा के लिए जीने वाले थे: महात्मा गांधी

2. मानवता की महानता मानव होने में नहीं, बल्कि मानवीय होने में है: महात्मा गांधी

3. सौम्य तरीके से, आप दुनिया को हिला सकते हैं: महात्मा गांधी

4. खुद को बदलें - आप नियंत्रण में हैं: महात्मा गांधी

5. मैं अपने गंदे पैरों से किसी को अपने दिमाग से नहीं जाने दूंगा: महात्मा गांधी

6. कमजोर कभी माफ नहीं कर सकता। क्षमा प्रबल की विशेषता है: महात्मा गांधी

7. स्वतंत्रता के लायक नहीं है अगर इसमें गलतियाँ करने की स्वतंत्रता शामिल नहीं है: महात्मा गांधी 8. हमें यह देखने की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए

9. एक 'नहीं' विश्वास से बोला गया 'हां' से बेहतर है, कृपया केवल मुसीबत से बचने के लिए कृपया, या इससे भी बदतर: महात्मा गांधी

10. खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है, दूसरों की सेवा में खुद को खो देना: महात्मा गांधी

11. महिला को कमजोर सेक्स कहना एक परिवाद है; यह स्त्री के प्रति पुरुष का अन्याय है: महात्मा गांधी

12. पृथ्वी हर आदमी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर आदमी को लालच नहीं: महात्मा गांधी

13. प्रेम दुनिया का सबसे मजबूत बल है: महात्मा गांधी

14. अहिंसा मजबूत का एक हथियार है: महात्मा गांधी

15. एक आदमी है, लेकिन अपने विचारों का उत्पाद है। वह जो सोचता है, वह बन जाता है: महात्मा गांधी

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