राफेल विमान की खासियत जानकर आपके होश उड़ जाएंगे, दुश्मन के लिए काल है यह लड़ाकू विमान

राफेल विमान की खासियत जानकर आपके होश उड़ जाएंगे, दुश्मन के लिए काल है यह लड़ाकू विमान

भारत के एक तरफ चीन और दूसरी तरफ पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश हों तो भारत को अपनी सेना और वायुसेना दोनों पर ही काम करने की आवश्यकता काफी अधिक हो जाती है. ऐसे में भारतीय सेना को 5 राफेल विमान दिए गए है. ये राफेल विमान फ्रांस से उड़ान भरकर संयुक्त अरब अमीरात के एयरबेस अल धफरा पर पहुंचे हैं. यहां इनके मेंटेंनेंस और रीफ्यूलिंग का काम किया गया. इसके बाद ये लड़ाकू विमान उड़ान भरकर अम्बाला एयरफोर्स बेस पर आये.

इस एयरक्राफ्ट के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से भारतीय सेना का मनोबल काफी बढ़ गया है. हालांकि एयरफोर्स की हालत अभी ठीक नहीं है क्योंकि यहां स्कॉड्रन की कमी है.लेकिन राफेल के भारतीय सेना में जुड़ने के साथ ही यह एक युद्ध जीतने में अहम् भूमिका निभा सकता है.

राफेल की खासियतें बहुत हैं राफेल के अचूक निशाने से दुश्मन किसी तरह भी नहीं बच सकता. अगर राफेल विमान की वजन की बात करे तो राफेल का वजन 10 टन है. वहीं अगर राफेल मिसाइल्स के साथ उड़ान भरता है तो इसका वजन 25 टन तक हो जाता है. कई एयरफोर्स के विमानों की इतनी वजन नहीं होती है. इस कारण से तो तय  है कि राफेल अपने साथ काफी मिसाइल्स लेकर उड़ान भर सकता है. .

हम आप को बता दें राफेल दुश्मन के रडार  को भी चकमा देने की ताकत रखता है. क्योंकि राफेल स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस है. यानी इसे इस हिसाब से डिजाइन किया गया है कि यह हिमालय की चोटी के उपर भी उड़ान भर सकता है. बता दे की हिमालय की उपर से उड़ान भरने की काबिलियत अच्छे-अच्छे लड़ाकू विमानों में नहीं होती है.

फ्रांस ने भारत के लिए अबतक कुल 10 राफेल विमान बनाए हैं. लेकिन फ़्रांस ने अभी सिर्फ 5 राफेल विमानों को ही  भारतीय वायुसेना के हवाले किया गया है. अन्य 5 राफेल विमानों को फ्रांस में ही रखा गया है ताकि वायुसेना के पायलटों व क्रू को फ्रांस में ट्रेनिंग दी जा सके. वहीं फ़्रांस ने पिछले साल 1 राफेल विमान भारत को सौंपा गया था ताकि भारतीय पायलट भारत में राफेल की ट्रेनिंग अच्छे तरीके से ले सके.

अगर हथियारों की बात करें तो राफेल विमान में सबसे खतरनाक मिसालइल (Meteor beyond Visual Range AIR to Air Missile) है. यह मिसाइल हवा से हवा में मार करने की क्षमता से लैस है. बीते दिनों भारतीय वायुसेना ने राफेल में हैमर मिसाइलों को भी लैस करने की बात कही थी. इन मिसाइलों की खासियत यही है कि  नो स्केप जोन में अगर कोई भी लड़ाकू विमान हो तो राफेल उसे मार गिराएगा. यह अचूक है. बता दें कि भारत कुल 36 राफेल विमान को फ्रांस से खरीद रहा है. इसमें अन्य एयरक्राफ्ट को दो सालों में भारत को सौंप दिया जाएगा.

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